

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * शहर को स्वच्छ, सुंदर और यातायात की समस्याओं से मुक्त बनाने के लिए नगर पालिक निगम द्वारा चलाए जा रहे डेयरी विस्थापन कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर श्रीमती पाल आज हफ़्सली पहुंची जहां उन्होंने नगर निगम प्रशासन को डेयरी विस्थापन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को युद्धस्तर पर पूरा करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि विस्थापन स्थल पर डेयरी संचालकों और वहां काम करने वाले नागरिकों के लिए बिजली, पानी, सुदृढ़ ड्रेनेज तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं सहित सभी समुचित सुविधाएं हर हाल में दुरुस्त की जाएं, ताकि विस्थापन के कार्य को शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जा सके। उल्लेखनीय है कि नगर निगम के जांच दल द्वारा हफसीली विस्थापन स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया था। एमआईसी और परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णयों के बाद भी कई डेयरी संचालकों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती जाना पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार सूची में शामिल डेयरी संचालकों में से केवल 4 संचालकों ने ही मौके पर शेड का निर्माण किया है। जबकि 155 ऐसे डेयरी संचालक पाए गए हैं, जिन्होंने भूखंड आवंटन और नोटिस मिलने के बावजूद न तो मौके पर शेड निर्माण कराया है और न ही अपने पशुओं को वहां स्थानांतरित किया है। इनमें से कई संचालक शहर में वापस आकर अवैध रूप से डेयरियां संचालित कर रहे हैं।
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद अब नगर निगम प्रशासन इन डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। नियम विरुद्ध कार्य करने वाले ऐसे सभी डेयरी संचालकों के आवंटन निरस्त करने के साथ-साथ उनके द्वारा जमा की गई राशि को राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। जिन डेयरी मालिकों को भूखंड की रजिस्ट्री की जा चुकी है, नियमों का उल्लंघन करने पर उनकी रजिस्ट्री को शून्य कराने हेतु जिला रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विस्थापन की कतार में शामिल 54 नवीन आवेदकों को भूखंड आवंटित करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है ताकि जरूरतमंद और इच्छुक डेयरी संचालकों को तुरंत जगह दी जा सके। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा है कि शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के लिए यह अति आवश्यक है। हफसीली विस्थापन स्थल पर बिजली-पानी और चिकित्सा जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द से जल्द सुनिश्चित की जा रही हैं। जो संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके आवंटन निरस्त कर सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरी मुहिम में नगर से डेयरियों को बाहर करने की कार्रवाई और नवीन आवेदनों के लिए उपायुक्त डॉ. एस.एस. बघेल, प्र. राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी, कार्यपालन यंत्री संजय तिवारी, सहायक यंत्री दिनकर शर्मा सहित उपयंत्रियों की टीम को विस्थापन स्थल पर रोजाना की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अमन मिश्रा, नगर निगम उपायुक्त एस के बघेल , तहसीलदार राहुल गौड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।













